भारत में “एक राष्ट्र, एक चुनाव” पर एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

Title:- भारत में “एक राष्ट्र, एक चुनाव” पर एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

Authors:- डॉ मंजू वर्मा

Volume, Issue & Year:- Volume 1, Issue 1, May-June 2025

Date:- 18/06/2025

Page No:- 25 – 32

DOI:- 

Abstract:- भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, जहाँ समय-समय पर विभिन्न स्तरों पर चुनाव होते रहते हैं। वर्तमान में लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, नगर निकायों और पंचायतों के चुनाव अलग-अलग समय पर कराए जाते हैं, जिससे न केवल आर्थिक और प्रशासनिक संसाधनों पर भारी दबाव पड़ता है, बल्कि विकास कार्यों में भी बाधा उत्पन्न होती है। इसी संदर्भ में “एक राष्ट्र, एक चुनाव” की अवधारणा सामने आई है, जिसके अंतर्गत पूरे देश में लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाने का प्रस्ताव है।यह अध्ययन “एक राष्ट्र, एक चुनाव” की व्यवहार्यता, इसके संभावित लाभ और चुनौतियों का विश्लेषण करता है। अध्ययन में पाया गया कि एक साथ चुनाव कराने से प्रशासनिक व्यय में कमी, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता में वृद्धि और विकास कार्यों में स्थिरता आ सकती है। वहीं, संवैधानिक संशोधनों, राजनीतिक सहमति और क्षेत्रीय विविधताओं को ध्यान में रखते हुए इससे जुड़ी जटिलताओं को भी समझना आवश्यक है।

Keywords:- चुनाव, प्रशासनिक, एक राष्ट्र, एक चुनाव, लोकतांत्रिक, संवैधानिक, आर्थिक, संसाधनों, पारदर्शिता ।

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